Main jina chahti hu

मैं जीना चाहती हूं जीने दों मुझे,
मैं तुम्हारे दहलीज़ का फूल नही,
तोड़ो न मुझे,
मेंरे अंदर भी जान हैं,
जीने दों मुझे,
मैं किस-किस से लड़ूँ,
मेरा हक़ दों मुझे,
मुझे बेड़ियों में न बांधों,
उड़ने दों मुझे,
नारी हूं,
अभला नही,
चूड़ियाँ पहनती हूँ कमज़ोर नही,
मेंरी छमताओं को न आकों,
माँ भी मैं,
दुर्गा भी मैं,
जन्मदाता भी मैं,
दुष्टों का नाश करने वाली,
काली भी मैं,
इतिहास रचने वाली बेटी भी हैं,
पँख हैं मेंरे भी उड़ने दों मुझे,
मैँ जीना चाहती हूं जीने दों मुझे॥

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Beautifully penned. :heart:

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live life at your own terms…:metal:
nicely written :heart:

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Thank you

Tq…:grinning:

That’s beautiful @ElleG :ok_hand:

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Thank you so much

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Just fab

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Thank you

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