किरदार ! Kirdaar

Kirdaar ! (किरदार)

एल सलील पथ पे चलने वाली ,
बहक बहक के मचलने वाली ,
दीदार में अपने मुझको रखने वाली,
हर मौसम में कुछ निखरने वाली,
अंधेरे को दियों से रोशन करने वाली,
हर एक दहलीज़ को बरकरार रखने वाली ,
बे कॉफ, दर्द सबका समझने वाली,
गजरे जैसी कुछ मेहेकने वाली,
कई वादों में शुमार होने वाली,
बेकार इरादों को नष्ट करने वाली,
खुशियां का गुलदस्ता महकाने वाली,
तुम कली हो या मुकुंद साज़ कुछ रखने वाली,
पति के ज़हन में कुछ उतरने वाली,
हर किमत को कीमती बनाने वाली,
तकलीफो में मरहम लगाने वाली,
बेइंतहा सास के ताने सुनने वाली,
घर को स्वर्ग में तब्दील करने वाली,
लहजे में सबको अपने रखने वाली,
इनकार में भी हामी भरने वाली,
सबके क्रोध को तसल्ली से सुलझाने वाली,
अपने घर को बांध के रखने वाली,
अपनी हंसी को अकेले ही समझने वाली,
अपनी ख्वाइशों को छुपा के रखने वाली,
कभी न कुछ कहने वाली,
कुछ ताने सास के सहने वाली,
पति की हर एक चीज़ को सहेज के रखने वाली,
अपने हमसफ़र की इज़्ज़त करने वाली,
कुछ यूं सबके दिलों में बसने वाली,
बहु , बेटी और माँ का फर्ज निभाने वाली,
ये एहसास नही सबको की सबके एहसास को समझने वाली
बहु के आदर और सत्कार में , मैं तुम्हे याद किया करता हूँ ,
आज भी तुम्हारे हर एक किरदार को अपनी यादों में सहेज के रखता हूँ ,
मेरे हमसफर मेरा गीत हो तुम,
उस गीत की कुछ महकती हुई आवाज़ है हम …

-पत्नी , बहु एवं माँ !

-जुपिटर शायराना ।

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You’re Sharp! :wink:

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Thanks

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