Kashmkash

              मै आज भी इसी कश्मकश में हूं
            नज़ाने उसने दूसरी बाहों को केसे अपनाया होगा ।
 
                                                  #सलोनी राय
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well, dard hai aapki peshkash me.
nicely written @Jasbaat

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