Gulaab

कुछ असर बेखबर स हुआ ,
कुछ दीदार तेरा बेखुमार स हुआ ,
पर बदली नही ज़िन्दगी मेरी ,
क्योंकि ज़िन्दगी में एहसास तेरा मुझे
हरबार गुलाब स हुआ ।

जुपिटर शायराना ।
@competition

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