Gairmaujudgi tumhari

मौजूदगी में तुम्हारी ये काले बादल भी प्यारे लगते थे…

गैर मौजूदगी में अब तुम्हारी खिला आसमान भी मुरझाया सा लगता है…!!

कुछ यूँ ग़ज़ब थी तुम्हारी रौशनी,

अब ये पूर्णिमा का चांद भी अमावस सा लगता है…

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:heart_eyes::heart_eyes::heart_eyes: amazing :hugs::hugs::hugs:

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thank you :blush: