शरीके हयात ( father edification to children )

मेरे बाद मेरे बच्चों यह ख्याल रखना ।
अपनी माँ को और खुद को ज़माने के फरेबों से संभाल रखना ।

छुपा के अपने दिल मे , जो मुझसे पूछ्ने थे वो भी सवाल रखना ।
और मिल सके हम हष्र के मैदान में ऐसे अपने आमाल रखना ।

जो चुप हो तो दवा।
जो खासे तो पानी ।
जो रोये तो गले , जो सोये तो ठंडक में उसके कदमों पे कम्बल और सिरहाने मेरी शाल रखना ।

फ़ज़र, जोहर ,असर,मगरिब,ईशा और तो और तहज्जुद में भी खुदा से मेरी मग़फ़िरत की दुआ करनेवाली की

हा हा तुम्हारी माँ और मेरी शरीकेहायात से मोहब्बत बेशूमार रखना
गर जो डर लगे बाहर की दुनिया से तो दिल मे खुदा और लब पे कलमा ऐ कलाम रखना ।
ग़ैब से मिलेगी मदद हरबार तुम पुख्ता अपना ईमान रखना ।

मेरे बाद भी मेरे प्यारे बच्चो अपना और अपनी माँ का खयाल रखना ।

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