Dhimi dhimi saanse

shayari
#1

साँसे जो धीमी-धीमी चल रही थी कि,
सपनों ने चुपके से दस्तक दी,
हौसलौ ने उठने का फैसला किया,
औऱ मैँ जीत कि ओर बढ़ चली…x2

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#2

:clap::clap:

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#3

:pray: