Brutality with women why?

Title : सामाजिक सत्य

कपड़े छोटे नहीं, सोच छोटी होती है।
बलात्कार के नाम पे सबकी यही बोली होती हैं ।
पर मेरे कुछ सवाल हैं।
जिसमे शामिल हम तुम और सारा समाज हैं।
क्यों तुम्हारे सच्चे दोस्त घर के बाहर वाले होते हैं।
क्यों पहले की तरह हम सहपरिवार नही रहते हैं ।
क्यों बच्चे कम उमर में ज्यादा आज़ाद होते हैं
क्यों नहीं पढ़ते वो धर्मिक और संस्कारो की किताबें।
क्यों मोबाइल और इंटरनेट उनके लिए अनलिमिटेड मौजूद होते
क्यों वो बचपन से देर रात में सोते हैं।
क्यों वो अपनी तकलीफ गैरों के संग रोते हैं।
क्यों हम नशा करके इतना ख़ुश होते हैं।

गंदे गाने
गंदी फ़िल्मे
गंदे सीरियल
ग़लत दोस्ती

आख़िर क्यों बच्चों ये सब हमारे आँखों के सामने पिरोते हैं।
आख़िर क्यों हम ये सब गलतियां चुप चाप सह लेते हैं ।बचपन से ही क्यों नहीं।
आख़िर क्यों नहीं ।
उनकी मानसिकता को झिंझोर देते हैं।
सिर्फ Dp बदलने और Candle मार्च से इंसाफ नहीं होता हैं।
कभी जा के देखो ।
निर्भया ,आसिफा,
दिव्या ,संस्कृति
ट्विंकल और प्रियंका के घर उनका परिवार कैसे आजभी सुकून से न सोता हैं।

खुद समझो और अपनों से प्यार करो ।
अगर परिवार हो तो वैसा ही व्याहार करो।
दूसरो की सोच बदलने से पहले खुद की सोच पर वार करो
पहले खुद को बदलो फिर हाहा कार करो ।

Shah Talib Ahmed

@Ravi_Vashisth
@7skywrites
@Afsana
@Adithyan_ks
@Hamida
@Jacqueline
@Nagma_lafzo_ka
@obscure_writer
@unknown_soul

Guys must share your view on this serious topic .

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Soo true very well said sir the problm is not in child the problm which kind of education we give them which kind of surrounding they had…
:clap::clap::clap::clap::clap::clap:

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bahut hi acha lekha hai वास्तविक जीवन की सच्चाई लिखी है सच में बहुत बहुत ही उम्दा लिखा है @TALIB_ahmed

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Thought provoking insight :ok_hand:t3::ok_hand:t3:

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Thanks you so much mam for understanding

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Thanks a ton kanika …

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Yes agree with your view … Surrounding means alot

Truly said, it needs to be changed from the very first beginning. Great post. :heart:

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Yeah… Thanks a lot

Very well said. I really feel what you have discussed is right. Wrong exposure has corrupted the minds. But this is also true that now people come forward to talk about topics like rape. They report such things. Back then in olden days there might be things happening but no-one came in open to talk or report about it.
About dressing ,agar chote Kapde issue hote toh chote chote bachchon ka rape Kyon hota

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Absolutely agree due such condition ,I wrote this … Good starting is the most important for everyone , otherwise things turns into worst .

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