Bistar ki teh se tabahi tak ( 18+ only )

( सवाल )
क्या ?
क्या प्यार तेरा सिर्फ़ क़लम और सियाही तक गया ।

( जवाब )
प्यार
मेरा प्यार तो बहुत गहराई तक गया ।
बिस्तर की तह से तबाही तक गया

कसदन के माजरों से सफ़ाई तक गया
मसले का हल मिला जब मेरी रेहनुमाई तक गया ।

चश्मदीद गवाह हैं मेरे कमरे का हर पुर्ज़ा
इस लिए तो आज की रुबाई तक गया।

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